छत्तीसगढ़
आवास योजना में फर्जी भुगतान और अधूरे घर के आरोप तथ्यहीन
Shantanu Roy
18 Feb 2026 9:03 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर आज 18 फरवरी को प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय जांच दल से विस्तृत भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई तथ्य भ्रामक एवं अपूर्ण जानकारी पर आधारित पाए गए हैं। उपायुक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश मामलों में भुगतान नियमानुसार हुआ है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
महासमुंद- 12 हजार से ज्यादा किश्त अटकी होने का दावा गलत
खबर में बागबाहरा जनपद में 12,366 हितग्राहियों की दूसरी किश्त अटकी होने और केवल 25 हजार रुपए पहली किश्त दिए जाने का उल्लेख किया गया है, जबकि जांच में सामने आया कि योजना शुरू होने से अब तक जनपद पंचायत बागबाहरा में 22,910 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 19,411 मकान पूर्ण हो चुके हैं। शेष 3,499 आवास निर्माणाधीन हैं। प्रशासन के मुताबिक किश्तों का भुगतान निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार किया जा रहा है।
गरियाबंद- जिन घरों को अधूरा बताया, वे निर्माणाधीन
ग्राम तुहामेटा में झुलवती के नाम पर प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में स्वीकृत आवास में दो किश्तों में एक लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं। जांच में पाया गया कि छत ढलाई का कार्य पूरा है। हितग्राही झूलबती के निधन के बाद उनके पति पीलाराम को उत्तराधिकारी के रूप में पोर्टल में दर्ज किया गया है, जो कि पीएफएमएस में लंबित है। इसी तरह राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अडगडी में सुगारो के नाम से वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत है। 40 हजार रुपए की पहली किश्त जारी हो चुकी है। मकान प्लिंथ स्तर पर है और दूसरी किश्त के लिए जियो-टैगिंग पूरी कर ली गई है।
ग्राम पंचायत जाड़ापदर में हिरमनी बंजारा के पिता खेतुराम बंजारा के नाम से वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत है। दो किश्तों में 95 हजार रुपए जमा किए जा चुके हैं। मकान चौखट स्तर तक बन चुका है। जांच में फर्जी भुगतान का आरोप सही नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट में इस बात स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि लफंदी में मनरेगा मजदूरी में गड़बड़ी नहीं मिली है। फिंगेश्वर ब्लॉक के लफंदी गांव में मनरेगा मजदूरी में 4 लाख रुपए की कथित गड़बड़ी की शिकायत की भी गहन जांच की गई। मस्टररोल, मांगपत्र और सहमति पत्रों का परीक्षण किया गया। प्रशासन के अनुसार श्रमिकों को नियमानुसार भुगतान हुआ है और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं मिला है।
सामूहिक गृह प्रवेश पर भी स्पष्टीकरण
गरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद में 3817 घरों को कागजों में पूर्ण दिखाने और सामूहिक गृह प्रवेश कराने के आरोपों की भी जांच की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन आवासों को पूर्ण दर्शाया गया है, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न स्तरों पर पूर्ण पाए गए। जियो-टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अपनाई गई है। उपायुक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कहना है कि योजना में भुगतान सीधे लाभार्थियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। निर्माण की प्रगति जियो-टैगिंग के जरिए मॉनिटर होती है। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित समाचार के कई बिंदु अपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं और आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित पक्की छत उपलब्ध कराना है और इसके क्रियान्वयन में हर स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





